कांग्रेस ने धरना देकर बेरोजगारों के आन्दोलन को दिया समर्थन,यूकेएसएसएससी प्रकरण में सीबीआइ्र जांच की मांग
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कांग्रेस ने धरना देकर बेरोजगारों के आन्दोलन को दिया समर्थन,यूकेएसएसएससी प्रकरण में सीबीआइ्र जांच की मांग

देहरादून। प्रदेश कांगद्रेस अध्यक्ष करन माहरा देहरादून के गांधी पार्क में बेरोजगार युवाओं की मांगों को लेकर धरने पर बैठे। उन्होंने युवाओं की लड़ाई को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया और कहा कि हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में बेरोजगारों का धरना जारी है। मामले में सेक्टर मजिस्ट्रेट केएन तिवारी, असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन समेत दरोगा व सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। शासन ने राजकीय महाविद्यालय अगरोड़ा टिहरी में कार्यरत असिस्टेंआयोग की जांच में पाया गया कि वर्ष 2018 से सुमन प्रश्पत्र बाहर भेजने वाले आरोपी खालिद के संपर्क में थी। उसकी भूमिका प्रश्नपत्र सॉल्वर के रूप में रही। साथ ही प्रश्नपत्र के तीन पन्नों को सोशल मीडिया के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को भेजने पर परीक्षा की गोपनीयता भंग करने की साजिश में संलिप्तता पाई गई।ट प्रोफेसर सुमन को भी निलंबित कर उच्च शिक्षा निदेशालय हल्द्वानी संबद्ध कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि वे बेरोजगार युवाओं को कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा व पूरी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने धरना स्थल पर पहुंचे हैं। कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता और शीर्ष नेतृत्व प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा है। कहा, प्रदेश की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने राज्य के युवाओं को धोखा दिया है।पिछले साढ़े आठ साल से भाजपा राज में राज्य सरकार के सभी विभागों में भर्तियां बंद पड़ी हैं और जहां भर्तियों के लिए कोई परीक्षा आयोजित की जाती है, वहां पेपर लीक हो जाता है। कहा, युवा जो इस राज्य के निर्माण की लड़ाई में सबसे आगे की पंक्ति में था वो अपने रोजगार को भाजपा की ओर से पोषित नकल माफिया से बचने के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी ने पहले दिन ही इस मामले की सीबीआई जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में करवाने की मांग सरकार से की थी। प्रदेश में नकल, पेपर लीक और भर्तियों के घोटाले में भाजपा से जुड़े अनेक लोगों के नाम उजागर होते रहे हैं, इसलिए भाजपा सरकार सीबीआई की जांच से कन्नी काट रही है।

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