उत्तराखंड और यूपी के प्रमुख स्थलों को जोड़कर बाबा नीम करौली दर्शन सर्किट का बनेगा नया आध्यात्मिक मार्ग
देहरादून। बाबा नीम करौली के जीवन चरित्र पर बनी फिल्म हनुमान अंश की बड़ी सफलता के बाद उत्तराखंड सरकार ने उनसे जुड़े प्रमुख स्थलों को एक सर्किट में शामिल करने का निर्णय लिया है। इस मामले में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कैंची धाम, काकड़ी घाट और ऋषिकेश सहित वे सभी स्थल जहां बाबा ने निवास या साधना की, उन्हें चिन्हित कर धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। वर्तमान समय में कैंची धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु नीम करौली बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। ऐसे में सर्किट बनने के बाद श्रद्धालुओं को अन्य स्थानों की भी जानकारी मिल सकेगी, जहां बाबा ने निवास या साधना की है।
नीम करौली के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश को लोग काफी अधिक पसंद कर रहे हैं। करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से बनी फिल्म 33 दिनों में 170 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। इसके बाद अब उत्तराखंड सरकार ने बाबा के प्रमुख आश्रमों और निवास स्थलों को जोड़कर एक समग्र दर्शन सर्किट बनाने का निर्णय लिया है। नीम करौली बाबा दर्शन सर्किट में उत्तराखंड के प्रमुख स्थलों को शामिल किया जाएगा, जिसमें नैनीताल जिले के भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित कैंची धाम शामिल हैं। ये बाबा का सबसे प्रसिद्ध आश्रम है। यहां देश-विदेश से लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। इसके साथ ही काकड़ी घाट आश्रम, जो पवित्र स्थान बाबा की तपस्थली रहा है। यहां प्राचीन शिव मंदिर भी है। ऋषिकेश आश्रम में भी नीम करौली बाबा का आश्रम स्थापित है। यह आध्यात्मिक यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, उत्तराखंड में भूमियाधार और हनुमान गढ़ी जैसे स्थानों पर भी बाबा के मंदिर हैं। उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी बाबा से जुड़े प्रमुख स्थल मौजूद हैं। उत्तर प्रदेश के मथुरा में बाबा का प्रसिद्ध आश्रम और समाधि मंदिर वृंदावन में स्थित है। जहां नीम करौली बाबा ने साल 1973 में अपने शरीर को त्यागा था। इसके साथ ही लखनऊ में भी नीम करौली बाबा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इसके अलावा, अकबरपुर (फिरोजाबाद) और कानपुर में भी बाबा का पवित्र स्थल है। ऐसे में उत्तराखंड के साथ ही उत्तरप्रदेश में मौजूद नीम करौली बाबा से जुड़े स्थलों को शामिल करते हुए नीम करौली महाराज सर्किट के रूप विकसित किया करने का निर्णय लिया है।
