हरिद्वार पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा
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हरिद्वार पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा

-दो आरोपी गिरफ्तार, मृतक की अभी तक नहीं हो पाई शिनाख्त
हरिद्वार। उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस ने फक्कड़ बाबा के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि रुपयों के लालच में दोनों आरोपियों ने पत्थर से कूचकर बाबा की हत्या की थी। हालांकि अभी तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के नाम मनोज कुमार उर्फ चिकना निवासी इटावा उत्तर प्रदेश और रोहित कुमार निवासी पटना बिहार हैं। आरोपियों ने बीती 13 अप्रैल को रुपयों के लालच में एक अज्ञात व्यक्ति की पत्थर से कूचलकर हत्या कर दी और फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक हरिद्वार वन विभाग के कर्मचारी ने सूचना दी थी कि राजाजी नेशनल पार्क में एक व्यक्ति लहूलुहान हालत में पड़ा है। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सहित कोतवाली हरिद्वार पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस के अनुसार करीब 45 साल का व्यक्ति लहूलुहान अवस्था में पड़ा था, जिसे तत्काल प्राथमिक उपचार के लिये जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के बारे में कोई जानकारी न होने के कारण पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई करते हुए खुद वादी बन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्यों को एकत्रित किया। हरिद्वार एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जांच कर जल्द से जल्द खुलासे के लिए पुलिस टीम का गठन किया। गठित की गई पुलिस टीम के जवानों ने घटनास्थल के आसपास स्थित गंगा घाटों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व पार्किंग में मौजूद लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई। वहीं मृतक की पहचान व आरोपियों की तलाश के लिए इलैक्ट्रॉनिक व डिजिटल सर्विलांस का सहारा लिया।
पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में जुटाए गए सबूत इस तरफ इशारा कर रहे थे कि हत्यारे संभवतः मोबाइल नही चलाते हैं और नशे में रहते हैं। साक्ष्यों के बारिकी से निरीक्षण के बाद पुलिस टीम ने प्रकाश में आये हुलिए से मिलते जुलते लड़कों से पूछताछ की। पुलिस टीम 17 अप्रैल को जब गश्त करते हुए हिल बाईपास पर सूखी नदी पर बने फ्लाईओवर पर पहुंची तो सड़क के मोड के किनारे बने पैराफिट पर दो संदिग्ध बैठे दिखाई दिए, जिनका हुलिया अज्ञात हत्यारों से मिल रहा था। शक होने पर जब दोनों संदिग्ध को आवाज दी गई तो पुलिस देख दोनों सकपकाकर पैराफिट से उठकर हिलबाईपास रोड़ की तरफ भागने लगे। तेजी दिखाते हुए पुलिस टीम ने दोनों को पकड़ लिया।
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि कुछ ही महीने पहले हुई पहचान के बाद दोनों संदिग्ध साथ में ही गांजा और शराब पीने वाले खास दोस्त बन गए। 13 अप्रैल की रात ज्यादा शराब पीने के कारण दोनों ने पहले तो नशे में उल्टी की और बिना खाए ही हरकी पैड़ी के सामने वाले घाट पर सो गए। खाली पेट सुबह जब उनकी नींद खुली तो दोनों ने पहले तो काम की तलाश में घुमते हुए मोतीचूर तिराहे की तरफ गांजा पिया और फिर तिराहे के पास बीड़ी पी रहे एक बाबा से बीड़ी मांगी। जेब से बीड़ी का बंडल निकालने के दौरान जब आरोपियों ने बाबा के हाथ में काफी पैसे देखे तो बीड़ी के साथ-साथ पैसे भी मांगने लगे, लेकिन बाबा ने पैसे देने से मना करते हुए दोनों को गाली दी और वहां से जाने को कहा।
गाली देने के गुस्से और पैसों को देख मन में आए लालच ने दोनों को हैवान बना दिया। इसके बाद बाबा को सूखी नदी के अन्दर से सुनसान जंगल वाली जगह पर मौका देख जोर से धक्का मारा। जिस कारण बाबा पत्थरों पर गिर गया था और संभल नहीं पाया। इसके बाद दोनों संदिग्ध ने पत्थर से सिर पर वार कर बाबा की हत्या कर दी और जेब से पैसे निकाल मौके से फरार हो गए। एसएसपी ने बताया कि मृतक की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

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